10% किसानों को मुआवजे की घोषणा से हरियाणा में गरमाई राजनीति
10% किसानों को मुआवजे की घोषणा से हरियाणा में गरमाई राजनीति

Satya Khabar,panchkula
Haryana Politics : प्रदेश सरकार द्वारा बाढ़ प्रभावित किसानों को 116 करोड़ रुपए का मुआवजा किया गया है लेकिन इस मामले में विपक्ष को एक नया मुद्दा दे दिया है। प्रदेश सरकार ने बाढ़ प्रभावित किसानों से उनकी खराब हुई फसलों के लिए पोर्टल पर आवेदन मांगे थे और प्रदेश के करीब साढ़े 5 लाख किसानों ने आवेदन किया था लेकिन सरकार ने इन आवेदकों की गिरदावरी में केवल 53000 किसानों को ही पात्र माना है। जो कुल आवेदकों की संख्या से 10% से भी कम है। अब यह मामला हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन सत्र में भी उठने की उम्मीद है। विपक्ष इस मामले को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी कर रहा है।
जननायक जनता पार्टी के युवा प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजय चौटाला ने कहा है कि हरियाणा की भाजपा सरकार बारिश और जलभराव से प्रभावित किसानों को मौसम नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने साढ़े 5 लाख किसानों में से केवल 53000 किसानों को मुआवजा देने का काम किया है जिससे 5 लाख से ज्यादा किसान मुआवजे से वंचित रह गए हैं। उन्होंने मांग की कि सरकार को एक-एक किसान को मुआवजा देना चाहिए।
कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कल यह मामला लोकसभा में भी उठाया था। संसद का कहना है कि दिल्ली और पंजाब के बीच में हरियाणा है। हरियाणा के एक तरफ हिमाचल और उत्तराखंड भी है। उन्होंने कहा कि ऐसा कैसे हो सकता है कि बादल दिल्ली से पंजाब पहुंच जाए और हरियाणा में वह बारिश न करें। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने हिमाचल को 1500 करोड़, पंजाब को 1500 करोड़ और उत्तराखंड को 1200 करोड़ देने की घोषणा की लेकिन हरियाणा को केंद्र सरकार ने पूरी तरह से भुला दिया। दीपेंद्र हुड्डा ने सरकार से 50000 रुपए प्रति एकड़ के दर से मुआवजा देने की मांग की।
इनेलो के जींद के जिला अध्यक्ष विजेंद्र रेढू ने कहा कि सरकार की नियत साफ नहीं है और विधानसभा के शीतकालीन सत्र में इस मामले को प्रमुखता से उठाएगी। उन्होंने कहा कि मुआवजा देने के मामले में सरकार पहले दिन से ही किसानों की अनदेखी करने का काम कर रही है। उन्होंने साफ कहा कि सरकार को बिना कोई देरी किए सभी किसानों को मुआवजा देने की घोषणा करनी चाहिए।